मुखिया ने किया वादा पूरा, महादलित बस्ती से लेकर विवादित रास्ते तक कराया विकास कार्य
मुखिया ने किया वादा पूरा, महादलित बस्ती से लेकर विवादित रास्ते तक कराया विकास कार्य
कोईलवर (भोजपुर) | कोईलवर प्रखंड के गोपालपुर पंचायत में इन दिनों विकास की नई तस्वीर देखने को मिल रही है। पंचायत क्षेत्र में वर्षों से लंबित पड़ी समस्याओं को एक-एक कर हल करते हुए मुखिया ने अपने चुनावी वादों को धरातल पर उतार दिया है। गांव के महादलित टोले से लेकर मुख्य संपर्क पथ तक किए गए विकास कार्यों ने ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है और पंचायत की एक अलग पहचान बनाई है।
पंचायत में लंबे समय से उपेक्षित पड़ी महादलित बस्ती में पक्की सड़क का निर्माण कराया गया। पहले बरसात के दिनों में कीचड़ और जलजमाव के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता था, लेकिन अब पक्की सड़क बनने से बच्चों को स्कूल जाने, बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचने और ग्रामीणों को बाजार आने-जाने में काफी सुविधा हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
इसके साथ ही विशुनपुर गांव से जोड़ने वाली सड़क को भी नए सिरे से तैयार किया गया। बताया जाता है कि यह रास्ता वर्षों से बंद प्लॉट की वजह से अवरुद्ध था, जिसके कारण लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता था। मुखिया के पहल पर संबंधित पक्षों से बातचीत कर प्लॉट को रास्ते के रूप में चिन्हित कराया गया और सड़क का निर्माण कराया गया, जिससे दोनों गांवों के बीच संपर्क काफी आसान हो गया है।
गांव में एक और बड़ी समस्या वर्षों से विवादित चली आ रही सड़क को लेकर थी। कई बार इसको लेकर तनाव की स्थिति भी बनती रही थी, लेकिन वर्तमान मुखिया ने समझदारी और सूझबूझ का परिचय देते हुए दोनों पक्षों को बैठाकर आपसी सहमति से समाधान निकाला। इसके बाद विवादित रास्ते पर पक्की सड़क का निर्माण कराया गया। इससे न केवल आवागमन की समस्या दूर हुई, बल्कि गांव में आपसी भाईचारा और सामाजिक सौहार्द भी मजबूत हुआ है।
पंचायत क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। गांव के प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार कर उसका सौंदर्यीकरण कराया गया। अब यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि गांव की पहचान भी बन चुका है। वहीं, नाली व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देते हुए कई गलियों में अंडरग्राउंड नाली का निर्माण कराया गया है। इससे गंदे पानी की निकासी सुचारू हो गई है और जलजमाव व गंदगी से काफी हद तक राहत मिली है।
सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य भी बड़े स्तर पर कराया गया है। पहले संकरी गलियों और मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या बनी रहती थी, खासकर खेती-बाड़ी के मौसम में ट्रैक्टर और अन्य वाहनों के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी। अब सड़क चौड़ी होने से यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है और गांव के भीतर भारी वाहनों का आना-जाना भी आसान हो गया है।
गोपालपुर पंचायत में सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान भी चलाया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, वृद्धा पेंशन, उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण जैसी कई योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई गई। कैंप लगाकर पात्र लाभुकों के आवेदन भरवाए गए और उन्हें योजनाओं का सीधा लाभ दिलाया गया। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को काफी राहत मिली है।
वर्तमान समय में पंचायत क्षेत्र में खेल मैदान और सरकार भवन का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। खेल मैदान के बनने से गांव के युवाओं और बच्चों को खेल-कूद के लिए एक बेहतर स्थान मिलेगा, जिससे उनकी प्रतिभा को नई दिशा मिल सकेगी। वहीं, सरकार भवन के निर्माण से पंचायत की प्रशासनिक व्यवस्थाएं और अधिक मजबूत होंगी। ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें गांव में ही सुविधाएं मिल सकेंगी।
इसके अलावा पंचायत में कन्या विवाह मंडप के निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने वाली है। इस मंडप के बनने से गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में काफी सहूलियत होगी और उन्हें सामाजिक आयोजनों के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। यह कार्य पंचायत क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात साबित होने वाला है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए मुखिया प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पंचायत का मुख्य उद्देश्य सभी वर्गों के लोगों का विकास करना है। उन्होंने कहा कि “हमारी कोशिश है कि कोई भी परिवार विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। सड़क, नाली, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं हर घर तक पहुंचे, इसी दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।”
ग्रामीणों में इन विकास कार्यों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि पहले गांव की हालत काफी खराब थी, लेकिन अब धीरे-धीरे बदलाव साफ नजर आ रहा है। लोगों ने कहा कि अगर सभी पंचायतों को ऐसा ही ईमानदार और जनसेवा करने वाला मुखिया मिले, तो गांवों का कायाकल्प होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
कुल मिलाकर गोपालपुर पंचायत में हो रहे ये विकास कार्य अन्य पंचायतों के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अपने जनप्रतिनिधि पर गर्व है और वे उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में भी इसी तरह गांव का विकास होता रहेगा।
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